ग़ज़ल

मैं जाणां जोगी दे नाल

میں جاݨاں جوگی دے نال
बुल्ले शाह· Ghazal· 42 shers

यह ग़ज़ल एक आध्यात्मिक यात्रा और जीवन की क्षणभंगुरता का वर्णन करती है। इसमें कवि का अपने सच्चे मार्गदर्शक (जोगी) के साथ जाने का संकल्प है, जो सांसारिक बंधनों से मुक्ति पाना चाहता है। यह मानव मन के भ्रम और भौतिक मोह से दूर होकर आत्मिक सत्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।

गीत सुनें
लिपि व अर्थ
1
مکے گیاں گل مُکدی نہیں پانویں سو سو جمعے پڑھ آئیے
मक्के गयां गल मुकदी नहीं पावें सौ सौ जुमे पढ़ आईए
मन का दुख का कोई इलाज नहीं, हवा ने अपनी मौजूदगी बता दी।
2
گنگا گیاں گل مُکدی نہیں پانویں سو سو غوطے کھائیے
गंगा गयां गल मुकदी नहीं पावें सौ सौ ग़ोते खाईए
गंगा जाने का कोई मुड़ नहीं है। पवन ने तो पत्ते खाए हैं।
3
گیا گیاں گل مُکدی نہیں پانویں سو سو پنڈ پڑھائیے
गया गयां गल मुकदी नहीं पावें सौ सौ पिंड पढ़ाईए
गले-घटकी बातें सब गायब हो गईं, और हवा पत्तों से धीरे-धीरे गुज़र रही है।
4
بلھے شاہ گل تاؤں مُکدی جدوں میں نوں دلوں گوائیے
बुल्ले शाह गल ताओं मुकदी जदों मैं नूं दिलों गवाईए
बुल्ले शाह, आपने मेरी बात (या जीवन) बचा लिया, जब आपने मुझे अपना प्रेम भुला दिया।
5
پڑھ پڑھ عالم فاضل ہویا کدی اپنے آپ نوں پڑھیا ای نہیں
पढ़ पढ़ आलम फ़ाज़िल होया कदी अपने आप नूं पढ़िआ ई नहीं
तुम्हारी कृपा से पूरा संसार बर्बाद हो गया, तुमने खुद को इन नए तरीकों से बर्बाद कर लिया।
6
جا جا وڑدا مندر مسیتے کدی من اپنے وچ وڑیا ای نہیں
जा जा वड़दा मंदर मसीते कदी मन अपने विच वड़िआ ई नहीं
जा जा, वड़दा मंदिर की मूर्ति। / कदी मन अपने, किस वारया ये नैन।
7
ایویں روز شیطان نال لڑدا ایں کدی نفس اپنے نال لڑیا ای نہیں
एवें रोज़ शैतान नाल लड़दा ऐं कदी नफ़्स अपने नाल लड़िआ ई नहीं
रोज़ शैतान से लड़ता हूँ, पर कभी अपने मन से नहीं लड़ा।
8
بلھے شاہ اسمانی اُڈیاں پھڑدا جیہڑا گھر بیٹھا اوہنوں پھڑیا ای نہیں
बुल्ले शाह असमानी उड्डियां फड़दा जेहड़ा घर बैठा ओहनूं फड़िआ ई नहीं
बुल्ले शाह आसमानी उदीयां फरड़दा। जेररा घर बैठा, उनू फरड़िया ये नईं।
9
راتیں جاگیں تے شیخ سداویں پر رات نوں جاگن کتے، تے توں اُتے
रातीं जागें ते शेख़ सदावें पर रात नूं जागन कुत्ते, ते तूं उत्ते
जहाँ फ़रिश्ते जागते हैं, वहाँ शaikh हमेशा रहता है, जहाँ रात जागती है, वहाँ भी एक रास्ता है।
10
راتیں بھونکوں بس نہ کردے فیر جا روڑی وچ سُتے، تے توں اُتے
रातीं भौंकों बस ना करदे फेर जा रूड़ी विच सुत्ते, ते तूं उत्ते
हवा के झोंके दिल नहीं तोड़ते, जो बिछड़कर सोएगा, वह ज़रूर उठेगा।
11
یار دا بوہا مول نہ چھڈدے پانویں مارو سو سو جُتے، تے توں اُتے
यार दा बूहा मूल ना छड्डदे पावें मारो सौ सौ जुत्ते, ते तूं उत्ते
यार, अपना मूल कभी न छोड़ना; हवा के साथ चलना, अपने जूते उठने और गिरने देना।
12
بلھے شاہ اُٹھ یار منا لے نئیں تے بازی لے گئے کتے، تے توں اُتے
बुल्ले शाह उठ यार मना ले नईं ते बाज़ी ले गए कुत्ते, ते तूं उत्ते
बुलले शाह, उठ यार, मेरा हाथ पकड़ ले। अगर तू खेल नहीं लाएगा, तो मैं कुत्ते और खेल दोनों लाऊँगा।
13
رانجھا چاک نہ آکھو کُڑیو نی ایہنوں چاک کہندی شرماواں
रांझा चाक ना आखो कुड़ियो नी एह्नूं चाक कहन्दी शर्मावां
राँझा, गाँव की महिलाओं को मत देखना, क्योंकि अगर तुम देखोगे तो वे ज़रूर शरमा जाएँगी।
14
میں جہیاں لکھ ہیراں اس نوں
मैं जहियां लख हीरां इस नूं
मेरे पास लाख हीरों की वर्षा आ जाए, और मेरे पास हज़ारो कंगन आ जाएं।
15
تخت ہزارے دا ایہہ مالک تے میں ہیر سیال سداواں
तख़्त हज़ारे दा एह मालिक ते मैं हीर सयाल सदावां
हजारों महलों का मालिक, हे मालिक! हीरे जैसी हीर, जिसकी ध्वनि सदा गूंजती है।
16
بلھے شاہ، رب کُوک سُنے تے میں چاک دی چاک ہو جاواں
बुल्ले शाह, रब कूक सुने ते मैं चाक दी चाक हो जावां
बुलले शाह, कहानी सुनो। शराब का प्याला मीठा है, पर मौत का प्याला उससे भी मीठा है।
17
رانجھا جوگی آ بن آیا ایہنے انوکھا بھیس وٹایا
रांझा जोगी आ बन आया एहने अनोखा भेस वटाया
राँझा, योगी यहाँ आ गए; ऐ नेय, क्या अनोखे भयेचे वतये।
18
احدوں احمد نام دھرایا نی میں جاݨاں جوگی دے نال
अहदौं अहमद नाम धराया नी मैं जाणां जोगी दे नाल
अहमद नाम धारण किया है, / जोगी के साथ तुम जाओ।
19
کوئی کسے دے نال کوئی کسے دے نال میں جوگی دے نال نال
कोई किसे दे नाल कोई किसे दे नाल मैं जोगी दे नाल नाल
किसी को किसी दिन नाल, किसी को किसी दिन नाल। मई योगी दिन नाल नाल।
20
جدوں دی میں جوگی دی ہوئی میں وچ میں نہ رہ گئی کوئی
जदों दी मैं जोगी दी होई मैं विच मैं ना रह गई कोई
जिदूण की में जोगि की हुई मय व्हिच मय ना रह गई कोई। अर्थ: विक्षिप्त साध्वी और दिव्य नारी ने अपने जाने का कोई निशान नहीं छोड़ा।
21
رانجھا رانجھا کردی نی میں آپے رانجھا ہوئی
रांझा रांझा करदी नी मैं आपे रांझा होई
हे रंझा, रंझा कर दी। नहीं, मैं आपको रंझा हो गई।
22
سدو نی مینوں دھیدو رانجھا ہیر نہ آکھو کوئی
सद्दो नी मैनूं धीदो रांझा हीर ना आखो कोई
साड़ियों में मुझे पेड़ो रंझा हीर न आखो कोई
23
میں نہیں اوہ آپ ہے اپنے آپ کرے دلجوئی
मैं नहीं वोह आप है अपने आप करे दिलजोई
जो बात नहीं है वह आप हैं। दिल को ठीक करना अपने आप करें।
24
جس دے نال میں نیونہہ لگایا اوہدے ورگی ہوئی سیو
जिस दे नाल मैं नेऊं लगाया ओहदे वरगी होई सय्यो
जिस दिन मैंने मेहंदी लगाई, ओदे वैसे हो गए सय्योन।
25
جوگی میرے نال نال میں جوگی دے نال نال نی میں جاݨاں جوگی دے نال
जोगी मेरे नाल नाल मैं जोगी दे नाल नाल नी मैं जाणां जोगी दे नाल
जोगी मेरे साथ साथ, मय जोगी दिन साथ साथ, नी मय जाना जोगी दिन।
26
کنی مُندراں پا کے متھے تلک لگا کے
कन्नी मुंदरां पा के मथे तिलक लगा के
कमर पर मुंडारन बांधकर और माथे पर तिलक लगाकर।
27
نی ایہہ جوگی نئیں کوئی روپ ہے رب دا
नी एह जोगी नईं कोई रूप है रब दा
अरे, योगी का मार्ग कहाँ है? प्रभु का कौन सा रूप है।
28
بھیس جوگی دا اس نوں پھب دا اس جوگی میرا جوڑا کھسیا
भेस जोगी दा इस नूं फबदा इस जोगी मेरा जोड़ा खसिआ
भयचे जोगी दा इस नु फब-दा। इस जोगी मैरा जोorra खासया।
29
ایہہ جوگی میرے من وچ وسیا سچ آکھاں ایہہ قسمِ قرآن اے
एह जोगी मेरे मन विच वसिआ सच आखां एह क़समे क़ुरान ऐ
हे योगी, क्या मैं वह भूल सकूँ जो तुम हो; / ऐसा शब्द, हे क़सम क़ुरान की।
30
جوگی میرا دین ایمان اے اس جوگی مینوں کیتا روگی
जोगी मेरा दीन ईमान ऐ इस जोगी मैनूं कीता रोगी
जोगी का मेरा दीन समान है, इस जोगी ने मुझे रोगे।
31
نی میں اس جوگی ہُن ہور نہ جوگی
नी मैं इस जोगी हुण होर ना जोगी
क्या मैं इस योगी हूँ मैं योगी नहीं बन रहा हूँ।
32
تر گئی وے میں تر گئی لوگو اکھ جوگی نال لڑ گئی لوگو
तर गई वे मैं तर गई लोगो अख जोगी नाल लड़ गई लोगो
रास्ते में जो लोग भटक गए, वे भटक गए; जो लोग योगी से लड़े, वे भटक गए।
33
مینوں جوگن جوگی دی آکھو ہیر سیالٹی مر گئی لوگو
मैनूं जोगन जोगी दी आखो हीर सयालटी मर गई लोगो
मुझे जोगन जोगनी की आखी चाहिए। हीर सलामत मर गए लोग।
34
کھیڑے کردے کوڑیاں گلاں جوگی دے میہݨے میں سر تے جھلاں
खेड़े करदे कूड़ियां गल्लां जोगी दे मेहणे मैं सिर ते झल्लां
जो लोग भलाई करते हैं, उनकी बातें प्यारी होती हैं, और संन्यासी के हृदय की अग्नि एक जलती हुई मशाल है।
35
ہور کسے نوں کجھ نہ جاناں جاناں تے جوگی نوں جاناں
होर किसे नूं कुछ ना जाणां जाणां ते जोगी नूं जाणां
जो किसी को कुछ नहीं पता, और जो सब कुछ जानता है, उन दोनों के लिए।
36
اس دا پایہ کسے نہ پایا اس دا ہے دو جگ اُتے سایا
इस दा पाया किसे ना पाया इस दा है दो जग उत्ते साया
यह एक ऐसी कहानी है जो कभी मिली नहीं, यह दो युगों में फैला एक साया है।
37
اس دیاں دُھماں دو جگ دُھمیاں اس دیاں جُتیاں عرش نے چُمیاں
इस दियां धुम्मां दो जग धुम्मियां इस दियां जुत्तियां अर्श ने चुम्मियां
इनके घुंघराले डिब्बे दो युगों तक गूंजेंगे, और ये जूतियाँ स्वर्ग के सिंहासन को कभी नहीं छू पाएँगी।
38
ایہہ جوگی جوگی مت والا ہتھ وچ اِلّا اللہ دی مالا
एह जोगी जोगी मत वाला हथ विच इल्लल्लाह दी माला
ऐ योगी, योगी मत वाला, / हाथ में रखी है अल्लाह की माला।
39
نی نام ہے اس دا کملی والا جے جوگی گھر آوے میرے
नी नाम है इस दा कमली वाला जे जोगी घर आवे मेरे
ओ, यह नाम तुम्हारा शरारत करने वाला है। तपस्वी का घर मेरा है।
40
مُک جاون سبھ جھگڑے تیرے نی میں لاواں سینے نال لکھاں شگن منا کے
मुक जावण सभ झगड़े तेरे नी मैं लावां सीने नाल लखां शगन मना के
मन के अंदर का झगड़ा और दिल में का दर्द, प्रिय का प्रेम दिखाने में प्रेमी को शक्ति है।
41
بلھے شاہ اک جوگی آیا در ساڈے ایہنے دھواں پایا
बुल्ले शाह इक जोगी आया दर साडे एहने धूआं पाया
बुल्ले शाह इक जोगी आया, दर सदाय आईने धुआँ पाया।
42
ایہنے لُٹ لئی ہیر سیال آیا بھیس وٹا کے
एहने लुट लई हीर सयाल आया भेस वटा के
जब शीशा हीर की तरफ से देखा गया, तो वह किस तरह की हवा की आवाज़ थी।
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