70) Hore kissay nu kuj na janan
71) Janan tay jogi nu janan
“To the one who knows nothing, and to the one who knows all,”
— बुल्ले शाह
अर्थ
जो किसी को कुछ नहीं पता, और जो सब कुछ जानता है, उन दोनों के लिए।
विस्तार
यह शेर बुल्ले शाह ने ज्ञान की उस रहस्यमयी प्रकृति पर बात की है। शायर कहते हैं कि सच्चा ज्ञान किसी के लिए सीमित नहीं है। यह न तो केवल महबूब (प्रेमी) के पास है, न ही केवल योगी के पास। यह तो एक ऐसी अवस्था है जो हर सीमा से ऊपर है, जिसे समझने के लिए मन को निर्मल होना आवश्यक है।
