सद्दो नी मैनूं धीदो रांझा
हीर ना आखो कोई
“O Ranjha, please do not tease me with your love, For Heer, there is no one who is like you.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
साड़ियों में मुझे पेड़ो रंझा हीर न आखो कोई
विस्तार
यह शेर प्रेम की उस गहन भावना को दर्शाता है जो पूरे मन को अपनी गिरफ्त में ले लेती है। Bulleh Shah ने यहाँ एक ऐसे रिश्ते की बात कही है जहाँ प्रेम की गहराई इतनी है कि वह सिर्फ़ एक ही व्यक्ति के लिए समर्पित हो जाती है। यह शायरी बताती है कि यह विरह या प्रेम का दर्द इतना सच्चा है कि यह केवल एक ही प्रेमी के लिए आंसू बहाता है। यह निस्वार्थ और अटल प्रेम का चित्रण है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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