15) Bulleh Shah asmani udeeyan pharrda
16) Jayrra ghar baitha onu pharrya ye naeen
“Bulleh Shah, the heavenly visitor, is wandering around, Where Jayra's house is, he has spread out these new curtains.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
बुल्ले शाह आसमानी उदीयां फरड़दा। जेररा घर बैठा, उनू फरड़िया ये नईं।
विस्तार
इस खूबसूरत शेर में, बुलले शाह हमें जीवन की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने को कहते हैं। शायर जिस तरह से चीजों को सँवारने की बात करते हैं, वह केवल भौतिक सफाई नहीं है। यह एक गहरा इशारा है कि हमारे जीवन के हर कोने को प्रेम और जागरूकता से सजाना चाहिए। हर पल में एक नज़ारा होता है, जिसे हमें अपनी नज़र से देखना चाहिए।
