غزل
आह और अश्क ही सदा है याँ
आह और अश्क ही सदा है याँ
یہ غزل زندگی کے مسلسل غم اور دکھ کو بیان کرتی ہے۔ شاعر کہتا ہے کہ آہ اور اشک ہی ہمیشہ کے ساتھی ہیں، اور ہر جگہ ایسا لگتا ہے جیسے کوئی دل جل گیا ہے۔ یہ غزل ایک جذباتی اور اداس کیفیت کا اظہار ہے۔
نغمے لوڈ ہو رہے ہیں…
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1
आह और अश्क ही सदा है याँ
रोज़ बरसात की हवा है याँ
کیا یہاں صرف آہ و اشک ہی ہمیشہ رہنا ہے یا روز بارش کی ہوا ہے؟
2
जिस जगह हो ज़मीन तफ़्ता समझ
कि कोई दिल-जला गड़ा है याँ
جس جگہ زمین تپتی ہوئی یا جلتی ہوئی ملے، سمجھ لینا کہ وہاں کسی دل کے جلنے والا شخص دفن ہے۔
3
गो कुदूरत से वो न देवे रो
आरसी की तरह सफ़ा है याँ
وہ فضل جو آپ سے کبھی کم نہیں ہوتا، کیا یہ پردے کی طرح سفید ہے؟
4
हर घड़ी देखते जो हो ईधर
ऐसा कि तुम ने आ निकला है याँ
हर पल इस तरफ देखना जैसे कोई शायर को अचानक से यहाँ मिल गया हो।
5
रिंद मुफ़्लिस जिगर में आह नहीं
जान महज़ूँ है और क्या है याँ
एक दरवेश (रिंद) का जिगर (दिल) में आह भरने की शक्ति नहीं है; यहाँ बस एक जान (जीवन) है, और क्या है याँ?
6
कैसे कैसे मकान हैं सुथरे
इक अज़ाँ जुमला कर्बला है याँ
शायर कह रहे हैं कि ये मकान बाहर से कितने साफ़-सुथरे दिखते हैं, लेकिन असलियत में ये सब कर्बला के गम जितने ही दर्दनाक हैं।
7
इक सिसकता है एक मरता है
हर तरफ़ ज़ुल्म हो रहा है याँ
ایک سسکتا ہے، ایک مرتا ہے؛ ہر طرف ظلم ہو رہا ہے یہاں۔
8
सद तमन्ना शहीद हैं यकजा
सीना-कूबी है ता'ज़िया है याँ
सद तमन्ना शहीद हैं यकजा, यानी बहुत सी ख्वाहिशें या सपने टूटकर शहीद हो गए हैं। यहाँ जो सीना-कूबी और ता'ज़िया है, वह इन खोए हुए सपनों और इच्छाओं का मातम मनाना है।
9
दीदनी है ग़रज़ ये सोहबत शोख़
रोज़-ओ-शब तरफ़ा माजरा है याँ
इस चंचल महबूब की सोहबत देखना एक ख्वाहिश है। यहाँ दिन और रात में एक अजीबोगरीब नज़ारा होता रहता है।
10
ख़ाना-ए-आशिक़ाँ है जा-ए-ख़ूब
जाए रोने की जा-ब-जा है याँ
اے محبوب، یہ عاشقانوں کا گھر ہے، جہاں ہر جگہ رونا اور غم کا اظہار کرنے کے لیے موزوں ہے۔
11
कोह-ओ-सहरा भी कर न जाए बाश
आज तक कोई भी रहा है याँ
कोह-ओ-सहरा भी कर न जाए बाश, आज तक कोई भी रहा है याँ। इसका अर्थ है कि पहाड़ और रेगिस्तान भी यहाँ हमेशा नहीं रहेंगे; आख़िरत इस दुनिया में आज तक कोई भी स्थायी रूप से नहीं रहा है।
12
है ख़बर शर्त 'मीर' सुनता है
तुझ से आगे ये कुछ हुआ है याँ
शायर कहते हैं कि मीर की खबर शर्त सुनता है, और पूछता है कि क्या तुम्हारे आने से पहले यहाँ कुछ हुआ है।
13
मौत मजनूँ को भी यहीं आई
कोहकन कल ही मर गया है याँ
मौत ने मजनूँ को भी इसी जगह पर ले ली, और कोहकन कल ही मर गया है यहाँ। यह वह जगह है जहाँ हर मशहूर आशिक़ का सफ़र ख़त्म होता है।
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