ग़ज़ल

काश उठीं हम भी गुनहगारों के बीच

काश उठीं हम भी गुनहगारों के बीच

यह ग़ज़ल एक गहरी विवशता और एक अजीब से आकर्षण को दर्शाती है, जहाँ शायर खुद को 'गुनहगारों के बीच' होने की कामना करता है। वह उन लोगों के बीच रहना चाहता है जो सज़ा-वारों (यानी, कठिनाइयों से गुज़र रहे लोगों) के रहम के पात्र हैं। यह कविता जीवन की अस्थिरता और मुखौटा पहनने की कला पर सवाल उठाती है, जिसमें शायर कोनों में छिपी सच्चाई और दिखावे के बीच जीवन की विडंबनाओं को देखता है।

गीत सुनें

शेर दर शेर अर्थ

लिपि व अर्थ
1
काश उठीं हम भी गुनहगारों के बीच हूँ जो रहमत के सज़ा-वारों के बीच
अर्थ यह है कि काश मैं भी गुनाहगारों के बीच जाग पाती, क्योंकि मैं तो रहमत के सज़ा-पाने वालों के बीच हूँ।
2
जी सदा उन अब्रूओं ही में रहा की बसर हम-उम्र तलवारों के बीच
शायर कहते हैं कि मेरा जीवन हमेशा उन बहादुर दिलों के बीच बीता है, जो मेरे हमउम्र साथियों की तलवारों के बीच हैं।
3
चश्म हो तो आईना-ख़ाना है दहर मुँह नज़र आता है दीवारों के बीच
अगर चश्मा एक आईना-ख़ाना है, तो यह दहर (युग) दीवारों के बीच चेहरे दिखाता है।
4
हैं 'अनासिर की ये सूरत-बाज़ियाँ शो'बदे क्या क्या हैं उन चारों के बीच
अनासिर की ये सूरत-बाज़ियाँ क्या हैं? उन चारों के बीच के शो'बदे क्या हैं?
5
जब से ले निकला है तो ये जिंस-ए-हुस्न पड़ गई है धूम बाज़ारों के बीच
जब से आपने यह खूबसूरती का खजाना निकाला है, यह बाज़ारों में धूम मचा रहा है।
6
आशिक़ी-ओ-बे-कसी-ओ-रफ़तगी जी रहा कब ऐसे आज़ारों के बीच
आशिक़ी, बे-कसी और रफ़तगी की भावनाएं, ये सब ऐसे आज़ारों के बीच जीवन में कब जिए जा सकते हैं?
7
जो सरिश्क उस माह बिन झमके है शब वो चमक काहे को है तारों के बीच
वह चमक किस चीज़ की है, जो उस महीने के पूरे प्रकाश के बिना नहीं जगमगाती, और तारों के बीच वह कौन सी चमक है जो नहीं दमकती।
8
उस के आतिशनाक रुख़्सारों बग़ैर लोटिए यूँ कब तक अँगारों के बीच
उसके आतिशनाक मुखड़ों के बिना, तुम अँगारों के बीच कब तक घूम सकती हो?
9
बैठना ग़ैरों में कब है नंग-ए-यार फूल गुल होते ही हैं ख़ारों के बीच
ग़ैरों में बैठना कब है नंग-ए-यार, फूल गुल होते ही हैं ख़ारों के बीच। (अर्थात, प्रियतम के सामने कब बैठना है, जब फूल-पत्तियां हमेशा काँटों के बीच ही होते हैं।)
10
यारो मत उस का फ़रेब-ए-मेहर खाओ 'मीर' भी थे उस के ही यारों के बीच
यारों, उस प्रेम के धोखे को मत खाना; मीर भी उन्हीं के दोस्तों के बीच थे।
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