ग़ज़ल
मज़े इश्क़ के कुछ वही जानते हैं
مزے عشق کے کچھ وہی جانتے ہیں
यह ग़ज़ल प्रेम के गहन और विरोधाभासी अनुभवों को उजागर करती है, जहाँ इश्क़ में मिट जाने को ही वास्तविक जीवन माना गया है। इसमें मिलन की रात की भावुकता और महबूब के प्रति असीम समर्पण की भावना का प्रभावी चित्रण है।
Source: rekhta · HI
गीत सुनें
1
मज़े इश्क़ के कुछ वही जानते हैं
कि जो मौत को ज़िंदगी जानते हैं
इश्क़ का असली आनंद केवल वही लोग जानते हैं, जो मौत को ही ज़िंदगी समझते हैं।
2
शब-ए-वस्ल लीं उन की इतनी बलाएँ
कि हमदम मिरे हाथ ही जानते हैं
मिलन की रात मैंने महबूब की इतनी बलाएँ लीं कि ऐ दोस्त, मेरे हाथ ही जानते हैं कि वे कितने थक गए।
3
न हो दिल तो क्या लुत्फ़-ए-आज़ार-ओ-राहत
बराबर ख़ुशी ना-ख़ुशी जानते हैं
अगर दिल ही न हो तो दर्द और सुकून का क्या मज़ा रह जाता है, क्योंकि ऐसी हालत में इंसान ख़ुशी और ग़म दोनों को एक बराबर समझता है।
4
जो है मेरे दिल में उन्हीं को ख़बर है
जो मैं जानता हूँ वही जानते हैं
मेरे दिल में जो कुछ भी है, उसकी ख़बर केवल उन्हीं को है, और जो बात मैं जानता हूँ, वही वे भी जानते हैं।
5
पड़ा हूँ सर-ए-बज़्म मैं दम चुराए
मगर वो इसे बे-ख़ुदी जानते हैं
मैं महफ़िल में अपनी साँस रोके चुपचाप पड़ा हूँ, लेकिन वे इसे मेरी बेख़ुदी समझ रहे हैं।
6
कहाँ क़द्र-ए-हम-जिंस हम-जिंस को है
फ़रिश्तों को भी आदमी जानते हैं
अपनी ही जाति या हम-जिंस की कद्र अपने जैसों को कहाँ होती है; लोग तो फ़रिश्तों को भी महज़ इंसान ही समझते हैं।
7
कहूँ हाल-ए-दिल तो कहें उस से हासिल
सभी को ख़बर है सभी जानते हैं
अगर मैं अपने दिल का हाल बयाँ करूँ तो लोग कहते हैं कि इससे क्या फायदा होगा, क्योंकि यह बात तो सब को मालूम है और सभी जानते हैं।
8
वो नादान अंजान भोले हैं ऐसे
कि सब शेवा-ए-दुश्मनी जानते हैं
वे दिखने में इतने नादान, अनजान और सीधे-सादे हैं, लेकिन दुश्मनी निभाने के सारे तौर-तरीके अच्छी तरह जानते हैं।
9
नहीं जानते इस का अंजाम क्या है
वो मरना मेरा दिल-लगी जानते हैं
वे यह नहीं जानते कि इसका अंजाम क्या होगा; वे तो मेरे मरने को महज़ मज़ाक या दिल्लगी समझते हैं।
10
समझता है तू 'दाग़' को रिंद ज़ाहिद
मगर रिंद उस को वली जानते हैं
ऐ ज़ाहिद, तू दाग़ को सिर्फ़ एक शराबी या गुनाहगार समझता है, लेकिन शराब पीने वाले (रिंद) खुद उन्हें एक वली या संत मानते हैं।
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
