ग़ज़ल

ચાહું ત્યારે ઘૂંટ ભરું

چاہوں تو گھونٹ بھروں
अमृत घायल· Ghazal· 7 shers

यह ग़ज़ल एक प्रेमपूर्ण विरह का भाव व्यक्त करती है, जिसमें वक्ता अपने प्रिय की यादों में डूबा हुआ है। इसमें प्रेम की गहराई और उसे पाने की तीव्र लालसा का चित्रण है। यह मन की बेचैनी और प्रेम के एहसास को खूबसूरती से बयान करती है।

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लिपि व अर्थ
1
ચાહું ત્યારે ઘૂંટ ભરું ને ચાહું ત્યારે ત્યાગ કરું! મારું તો એવું છે મારા ફાવે તેવા ભાગ કરું!
चाहूँ तब घूँट भरूँ और चाहूँ तब त्याग करूँ! मेरा तो ऐसा है, मेरे मनचाहे भाग करूँ!
यह दर्शाता है कि व्यक्ति अपनी इच्छानुसार किसी भी चीज को ग्रहण या त्याग करता है, और अपने जीवन या संसाधनों के हिस्से अपनी पसंद के अनुसार बनाता है।
2
આમ છે આંસુ કેવળ ટીપું કિન્તુ છે તેજાબનું ટીપું છાંટું ચડાવી આંગળી પર તો પાણીને પણ આગ કરું!
यूँ तो आँसू केवल बूँद है, किंतु यह तेज़ाब की बूँद है,छिड़क कर उँगली पर इसे, मैं पानी को भी आग कर दूँ!
ये आँसू सिर्फ़ एक बूँद हैं, लेकिन तेज़ाब की बूँदें हैं। अगर मैं इन्हें अपनी उँगली पर छिड़कूँ तो पानी को भी आग बना दूँ।
3
રૂપ ગંધ રસ સ્પર્શ શબ્દનું મૂલ્ય જ શું છે! આવે તો – તારા પરથી ઓળધોળ હું રંગરાગનો ફાગ કરું.
रूप गंध रस स्पर्श शब्द का मूल्य ही क्या है! आओ तो –तुझ पर से न्योछावर मैं रंग-राग का फाग करूँ।
रूप, गंध, रस, स्पर्श और शब्द का क्या मूल्य है? यदि तुम आ जाओ, तो मैं तुम पर न्योछावर होकर प्रेम और अनुराग का फाग खेलूँगा।
4
સારા નરસા દિવસો એ તો ઇચ્છાના ઓછાયા છે, મારા આ દુર્ભાગ્યને સાજન ઇચ્છું તો સોહાગ કરું!
अच्छे-बुरे दिन तो इच्छाओं के साये हैं, मेरे इस दुर्भाग्य को साजन चाहूँ तो सुहाग कर दूँ!
अच्छे-बुरे दिन तो हमारी इच्छाओं के ही प्रतिबिंब हैं। हे प्रिय, यदि मैं चाहूँ तो अपने इस दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल सकती हूँ।
5
દાગ અને આ દિલનો નાતો હાડચામના જેવો છે, મૃત્યુ પૂર્વે કેવી રીતે દિલથી અળગા દાગ કરું!
दाग़ और इस दिल का नाता हाड़-चाम जैसा है,मृत्यु पूर्व कैसे मैं दिल से दाग़ अलग करूँ!
इस दिल और इसके घावों का रिश्ता मांस और हड्डी जैसा गहरा है। मौत से पहले मैं इन दागों को अपने दिल से कैसे जुदा कर सकता हूँ?
6
કોઈ નિષાદે ચોક્કસ મારો પીછો પકડ્યો લાગે છે, નહિ તો અદ્ધર પદ્ધર શ્વાસે આમ ન ભાગાભાગ કરું!
कोई निषाद ने निश्चित मेरा पीछा पकड़ा लगता है,नहीं तो अधर-पधर साँसों में यूँ ना भागदौड़ करता!
लगता है किसी शिकारी ने मेरा पीछा पकड़ लिया है, नहीं तो मैं इस तरह बेतहाशा हाँफते हुए भागता नहीं।
7
હું પણ ‘ઘાયલ’ આંગળીઓમાં એવું કામણ રાખું છું, મેળ વગરના તારોને પણ છેડું તો એકરાગ કરું!
मैं भी 'घायल' उँगलियों में ऐसा जादू रखता हूँ,बेमेल तारों को भी छेड़ूँ तो एकराग करूँ!
मैं 'घायल' अपनी उंगलियों में ऐसा जादू रखता हूँ कि बेमेल तारों को भी छेड़ूं तो उन्हें एक सुर में कर देता हूँ।
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