अच्छे-बुरे दिन तो इच्छाओं के साये हैं, मेरे इस दुर्भाग्य को साजन चाहूँ तो सुहाग कर दूँ!
“Good and bad days are but shadows of desire,My beloved, I could turn this ill fate into fortune if I truly aspire!”
— अमृत घायल
अर्थ
अच्छे-बुरे दिन तो हमारी इच्छाओं के ही प्रतिबिंब हैं। हे प्रिय, यदि मैं चाहूँ तो अपने इस दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदल सकती हूँ।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन की एक बहुत गहरी सच्चाई से मिलाता है। शायर कहते हैं कि अच्छे-बुरे दिन तो बस हमारी इच्छाओं के साये हैं। और सबसे कमाल की बात ये है कि वह अपने 'दुर्भाग्य' को भी एक 'सुहाग' बना देना चाहता है! यह न सिर्फ़ किस्मत पर, बल्कि अपनी सोच और नियति पर भी एक गहरा दार्शनिक विचार है।
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