ग़ज़ल

ख़ुशी है सब को कि ऑपरेशन में ख़ूब निश्तर ये चल रहा है

خوشی ہے سب کو کہ آپریشن میں خوب نشتر یہ چل رہا ہے
अकबर इलाहाबादी· Ghazal· 7 shers· radif: रहा है

यह ग़ज़ल सतही सुधारों और उनके विनाशकारी परिणामों पर एक तीखा व्यंग्य है, जहाँ तथाकथित उपचार की चमक-दमक में पीड़ित की वास्तविक पीड़ा और उसके दम तोड़ने की अनदेखी कर दी जाती है। इसके साथ ही यह कालचक्र की निर्ममता और संसार की नश्वरता को भी रेखांकित करती है।

Source: rekhta · HI

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लिपि व अर्थ
1
ख़ुशी है सब को कि ऑपरेशन में ख़ूब निश्तर ये चल रहा है किसी को इस की ख़बर नहीं है मरीज़ का दम निकल रहा है
सब इस बात से खुश हैं कि ऑपरेशन में नश्तर खूब चल रहा है, मगर किसी को खबर नहीं कि मरीज़ की जान निकल रही है।
2
फ़ना इसी रंग पर है क़ाइम फ़लक वही चाल चल रहा है शिकस्ता ओ मुंतशिर है वो कल जो आज साँचे में ढल रहा है
विनाश इसी तरह अटल है और आसमान (भाग्य) अपनी वही पुरानी चाल चल रहा है; जो चीज़ आज साँचे में ढल रही है, वह कल टूटकर बिखर जाएगी।
3
ये देखते हो जो कासा-ए-सर ग़ुरूर-ए-ग़फ़लत से कल था ममलू यही बदन नाज़ से पला था जो आज मिट्टी में गल रहा है
यह जो सिर की खोपड़ी तुम देख रहे हो, यह कल तक घमंड और बेपरवाही से भरी हुई थी, और यही शरीर जो कभी बड़े लाड़-प्यार से पला था, आज मिट्टी में गल रहा है।
4
समझ हो जिस की बलीग़ समझे नज़र हो जिस की वसीअ' देखे अभी यहाँ ख़ाक भी उड़ेगी जहाँ ये क़ुल्ज़ुम उबल रहा है
जिसकी समझ गहरी हो वह समझे और जिसकी दृष्टि व्यापक हो वह देखे, कि जहाँ आज यह समुद्र उफन रहा है, बहुत जल्द वहाँ केवल धूल उड़ेगी।
5
कहाँ का शर्क़ी कहाँ का ग़र्बी तमाम दुख सुख है ये मसावी यहाँ भी इक बा-मुराद ख़ुश है वहाँ भी इक ग़म से जल रहा है
पूरब या पश्चिम का कोई भेद नहीं है क्योंकि हर जगह सुख और दुःख बराबर हैं; यहाँ भी कोई अपनी मुराद पूरी होने पर खुश है और वहाँ भी कोई ग़म में जल रहा है।
6
उरूज-ए-क़ौमी ज़वाल-ए-क़ौमी ख़ुदा की क़ुदरत के हैं करिश्मे हमेशा रद्द-ओ-बदल के अंदर ये अम्र पोलिटिकल रहा है
कौमों का उत्थान और पतन ईश्वर की कुदरत के चमत्कार हैं, और यह राजनीतिक मामला हमेशा बदलाव और उलट-फेर के अधीन रहा है।
7
मज़ा है स्पीच का डिनर में ख़बर ये छपती है पाइनियर में फ़लक की गर्दिश के साथ ही साथ काम यारों का चल रहा है
दावतों में भाषणों का मज़ा लिया जाता है और उसकी ख़बर 'पायनियर' अख़बार में छपती है; इस प्रकार ज़माने के चलने के साथ-साथ दोस्तों का काम भी मज़े से चल रहा है।
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