ग़ज़ल

मंज़ूर थी ये शक्ल तजल्ली को नूर की

مَنظُور تھی یہ شَکل تَجَلّی کو نُور کی
मिर्ज़ा ग़ालिब· Ghazal· 9 shers· radif: की

यह ग़ज़ल महबूब की ईश्वरीय सुंदरता का बखान करती है, उसकी सूरत को नूर का अंतिम ज़हूर बताती है। यह प्रेम के गहरे बलिदान पर प्रकाश डालती है, जहाँ शहीद भी मौत में सम्मानित होते हैं, और सतही धार्मिकता की सूक्ष्म आलोचना करती है। इसके शेर प्रेमी की शाश्वत और अटूट भक्ति को दर्शाते हैं, जो सांसारिक सीमाओं से परे है।

Source: rekhta · HI

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लिपि व अर्थ
1
मंज़ूर थी ये शक्ल तजल्ली को नूर की क़िस्मत खुली तिरे क़द-ओ-रुख़ से ज़ुहूर की
नूर की तजल्ली को यह शक्ल मंज़ूर थी। इसके ज़ुहूर की किस्मत तुम्हारे कद-ओ-रुख़ से खुली।
2
इक ख़ूँ-चकाँ कफ़न में करोड़ों बनाओ हैं पड़ती है आँख तेरे शहीदों पे हूर की
एक खून से सने कफन में करोड़ों सौंदर्य हैं। स्वर्ग की अप्सरा की नज़र तुम्हारे शहीदों पर पड़ती है।
3
वाइ'ज़ न तुम पियो न किसी को पिला सको क्या बात है तुम्हारी शराब-ए-तहूर की
हे उपदेशक, तुम न स्वयं पीते हो और न किसी को पिला सकते हो। तुम्हारी पवित्र स्वर्गीय शराब में क्या ख़ास बात है?
4
लड़ता है मुझ से हश्र में क़ातिल कि क्यूँ उठा गोया अभी सुनी नहीं आवाज़ सूर की
क़ातिल क़यामत के दिन मुझसे लड़ता है कि मैं क्यों उठ गया, जैसे उसने अभी तक नरसिंगे की आवाज़ नहीं सुनी हो।
5
आमद बहार की है जो बुलबुल है नग़्मा-संज उड़ती सी इक ख़बर है ज़बानी तुयूर की
बुलबुल इसलिए गा रही है क्योंकि बहार का आगमन हुआ है। यह पक्षियों की ज़ुबानी एक उड़ती हुई ख़बर जैसी है।
6
गो वाँ नहीं प वाँ के निकाले हुए तो हैं का'बे से इन बुतों को भी निस्बत है दूर की
यद्यपि वे वहाँ नहीं हैं, पर वे वहाँ से निकाले हुए तो हैं। इन बुतों का भी काबे से एक दूर का संबंध है।
7
क्या फ़र्ज़ है कि सब को मिले एक सा जवाब आओ न हम भी सैर करें कोह-ए-तूर की
यह क्यों आवश्यक है कि सबको एक ही सा जवाब मिले? आओ, हम भी कोह-ए-तूर की सैर करें और अपनी अनूठी अनुभूति प्राप्त करें।
8
गर्मी सही कलाम में लेकिन न इस क़दर की जिस से बात उस ने शिकायत ज़रूर की
उनके शब्दों में गर्मी तो थी, लेकिन इतनी नहीं कि जिससे उन्होंने बात की, उसने ज़रूर शिकायत की।
9
'ग़ालिब' गर इस सफ़र में मुझे साथ ले चलें हज का सवाब नज़्र करूँगा हुज़ूर की
अगर ग़ालिब मुझे इस यात्रा पर अपने साथ ले चलें, तो मैं हज का पुण्यफल उनकी सेवा में भेंट कर दूँगा।
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