आमद बहार की है जो बुलबुल है नग़्मा-संज
उड़ती सी इक ख़बर है ज़बानी तुयूर की
“The nightingale sings, for spring's arrival is here, It's a fleeting rumour, from the birds' own ear.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
बुलबुल इसलिए गा रही है क्योंकि बहार का आगमन हुआ है। यह पक्षियों की ज़ुबानी एक उड़ती हुई ख़बर जैसी है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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