लड़ता है मुझ से हश्र में क़ातिल कि क्यूँ उठा
गोया अभी सुनी नहीं आवाज़ सूर की
“The killer quarrels with me on Judgment Day, "Why did you rise?"As if he hasn't yet heard the trumpet's sound.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
क़ातिल क़यामत के दिन मुझसे लड़ता है कि मैं क्यों उठ गया, जैसे उसने अभी तक नरसिंगे की आवाज़ नहीं सुनी हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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