क्यूँ हो सकें जगत के दिलबर तिरे बराबर — वली दकनी
“How could the beloveds of this world ever rival you? In beauty and in grace, you are a miracle from head to toe.”
अर्थ
इस दुनिया के महबूब तुम्हारी बराबरी कैसे कर सकते हैं? तुम अपनी सुंदरता और अदाओं में सिर से पाँव तक एक चमत्कार हो।
विस्तार
इस शेर में आशिक़ अपने महबूब की ख़ूबसूरती को दुनिया की हर तुलना से परे ले जाता है। यहाँ 'एजाज़' यानी करिश्मे या चमत्कार का ज़िक्र यह बताता है कि महबूब का हुस्न और नाज़-ओ-अंदाज़ केवल दिलकश नहीं, बल्कि कुदरत का एक अनदेखा जादू है। शायर बड़े लाड़ और यक़ीन से कहता है कि जब उसका महबूब सर से पाँव तक ख़ुद एक अजूबा है, तो भला इस दुनिया का कोई दूसरा दिलकश उसकी बराबरी कैसे कर सकता है!
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