जग के अदा-शनासाँ है जिन की फ़िक्र आली — वली दकनी
“The world’s connoisseurs of grace, whose minds are lofty and wise, behold your stature and declare: here is charm embodied from head to toe.”
अर्थ
दुनिया के हाव-भाव और नज़ाकत को समझने वाले, जिनकी सोच बहुत ऊँची है, तुम्हारे कद को देखकर कहते हैं कि तुम सिर से पैर तक सरासर नाज़-ओ-अंदाज़ का ही रूप हो।
विस्तार
शायर यहाँ महबूब के हुस्न की ऐसी तारीफ़ कर रहे हैं जिसे दुनिया के सबसे बड़े पारखी भी सलाम करते हैं। वे कहते हैं कि हुस्न और अदाओं को बारीकी से समझने वाले अक़्लमंद लोग जब तुम्हारी क़द-ओ-क़ामत को देखते हैं, तो दंग रह जाते हैं। उनकी नज़र में तुम्हारा वजूद सिर्फ़ ख़ूबसूरत नहीं, बल्कि सर से पाँव तक नाज़-ओ-अंदाज़ की एक जीती-जागती मूरत है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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