तुझ नेह में दिल जल जल जोगी की लिया सूरत यक बार उसे मोहन छाती सूँ लगाती जा

“Burning ceaselessly in your love, my heart has taken an ascetic's guise; just once, O enchanting beloved, embrace it closely to your breast.”

— वली दकनी
अर्थ

तुम्हारे प्रेम में जल-जलकर मेरा दिल जोगी का रूप धारण कर चुका है, हे मनमोहन! कम से कम एक बार तो इसे अपने सीने से लगा लो।

विस्तार

यहाँ आशिक़ का दिल महबूब के प्यार की आग में तपकर एक 'जोगी' बन गया है, जिसने दुनियादारी छोड़कर वैराग्य ओढ़ लिया है। इस जलते हुए दिल की अब बस एक ही हसरत है कि उसका 'मोहन' कम से कम एक बार उसे अपने सीने से लगा ले, ताकि सदियों की यह तपन शांत हो सके। यह शेर दक्खनी और हिंदुस्तानी रंग में लिपटी ऐसी मुहब्बत को बयां करता है जहाँ इश्क़ ही सबसे बड़ी इबादत बन जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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