“For those who gamble in the game of love, every glance of the slayer is a dagger and a blade.”
इश्क़ करने वालों के लिए महबूब (क़ातिल) की हर एक नज़र ख़ंजर और कटारी की तरह घातक होती है।
इस शेर में शायर महबूब को एक दिलकश 'क़ातिल' के रूप में पेश करता है, जिसकी हर एक नज़र आशिक़ों के सीने में ख़ंजर की तरह उतर जाती है। इश्क़ को एक ऐसा ख़ास जुआ बताया गया है जहाँ जान का ख़तरा उठाना ही दीवानेपन की पहचान है। यह चोट भले ही जानलेवा हो, मगर सच्चा आशिक़ महबूब की इस कातिलाना नज़र से घायल होने में ही अपनी सबसे बड़ी ख़ुशनसीबी समझता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
