जज़्बा-ए-शौक़ कामयाब हुआ — जिगर मुरादाबादी
“The fervor of my longing has triumphed at last; bashful in my presence, she veils herself today.”
अर्थ
मेरी चाहत और तड़प का जज़्बा आज सफल हो गया है, क्योंकि आज महबूब को मेरे सामने झिझक और शर्म महसूस हुई है।
विस्तार
इश्क़ में माशूक़ का शर्माना या पर्दा करना बेरुखी नहीं, बल्कि मोहब्बत का सबसे प्यारा इक़रार माना जाता है। पहले जहाँ महबूब पूरी तरह बेपरवाह था, आज उसके रुख़ पर आई यह हया बताती है कि आशिक़ की तड़प सीधे उसके दिल में उतर चुकी है। शायर इस झिझक को अपनी सबसे बड़ी जीत मानता है, क्योंकि जब कोई आपसे शर्माने लगे, तो समझ लीजिए कि दिलों का राब्ता क़ायम हो चुका है।
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