आतिश-ए-इश्क़ वो जहन्नम है — जिगर मुरादाबादी
“The fire of love is such a hell, wherein dwell the vistas of paradise.”
अर्थ
इश्क़ की आग ऐसा जहन्नम (नरक) है, जिसमें जन्नत (स्वर्ग) के खूबसूरत नज़ारे दिखाई देते हैं।
विस्तार
इस शेर में शायर ने इश्क़ के एक बेहद खूबसूरत विरोधाभास को बयां किया है। मोहब्बत की तड़प और बेचैनी बाहर से भले ही किसी दोज़ख़ की आग जैसी लगे, लेकिन इस आग के भीतर ही जन्नत का सुकून और रूहानी नज़ारे छिपे होते हैं। शायर कहना चाहते हैं कि इश्क़ का दर्द कोई सज़ा नहीं, बल्कि एक ऐसी मीठी पीड़ा है जो इंसान को दुनियावी बंधनों से आज़ाद कर परम आनंद तक ले जाती है।
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