ग़ज़ल

નવલું નીલાંબર

નવલું નીલાંબર

यह ग़ज़ल एक नज़्म की तरह है जो प्रेम और जीवन की नश्वरता के गहरे भावों को व्यक्त करती है। इसमें कवि ने मन की भावनाओं और समय के बदलावों को बड़ी खूबसूरती से पिरोया है, जो श्रोता को एक आत्मनिरीक्षण का अवसर देता है।

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लिपि व अर्थ
1
આ કોની મનોરમ દૃષ્ટિથી આકાશનું અંતર ભીંજાણું? ધરતીએ જતનથી ઓઢેલું નવલું નીલાંબર ભીંજાણું?
आ किसकी मनोरम दृष्टि से आकाश का अंतर भीगा? धरती ने जतन से ओढ़ा नया नीलांबर भीगा?
यह किसकी मनमोहक दृष्टि से आकाश का अंतर भीग गया? क्या धरती ने जतन से ओढ़ा हुआ नया नीला वस्त्र भी भीग गया?
2
આ ઇન્દ્રધનુષની પિચકારી કાં સપ્ત રંગમાં ઝબકોળી? ફાગણ નહિ આ તો શ્રાવણ છે, એમાંયે રમી લીધી હોળી?
यह इंद्रधनुष की पिचकारी क्यों सतरंग में डुबोई? फागुन नहीं, यह तो सावन है, इसमें भी खेली होली?
यह इंद्रधनुष की पिचकारी सात रंगों में क्यों डुबोई? यह फागुन नहीं, बल्कि सावन है, क्या तुमने इसमें भी होली खेल ली है?
3
છંટાઈ ગયા ખુદ, વ્યોમ સમું પોતાનું વસ્તર ભીંજાણું? નવલું નીલાંબર ભીંજાણું.
छँट गए ख़ुद, क्या व्योम सा अपना वसन भीगा?नया नीलाम्बर भीगा।
वे स्वयं छिड़क दिए गए थे, पर क्या उनका आकाश जैसा वस्त्र भीगा था? इसके बजाय, एक नया नीला वस्त्र भीग गया था।
4
કાળી કાળી જલપરીઓની આંખોમાં વીજના ચમકારા, ત્યાં દૂર ક્ષિતિજે દેખાતા આ કોની આંખના અણસારા?
काली काली जलपरियों की आँखों में बिजली के चमकारे, वहाँ दूर क्षितिज पर दिखते ये किसकी आँख के इशारे?
काली जलपरियों की आँखों में बिजली की चमक है। दूर क्षितिज पर दिखाई देने वाले ये किसके संकेत हैं?
5
શી હર્ષાની હેલી કે, ધરતીનું કલેવર ભીંજાણું? નવલું નીલાંબર ભીંજાણું.
क्या हर्ष की झड़ी थी कि, धरती का कलेवर भीग गया? नया नीलांबर भीग गया।
क्या यह खुशी की ऐसी बौछार थी कि धरती का कलेवर (शरीर) भीग गया? यहाँ तक कि नया नीला आकाश भी भीग गया।
6
આ રસભીની એકલતામાં સાંનિધ્યનો સાચે સંભવ છે, ફોરાંની મૃદુ પાયલ સાથે આ કોનો મંજુલ પગરવ છે?
इस रसभरी एकांतता में सान्निध्य का सच्चा संभव है,बूँदों के मृदु पायल संग यह किसका मंजुल पदरव है?
इस रसभरी एकांत में सच्ची निकटता सचमुच संभव है। बूंदों की कोमल पायल के साथ यह किसकी मधुर पदचाप है?
7
આનંદના ઊઘડ્યા દરવાજા, રે મન! આખું ઘર ભીંજાણું, નવલું નીલાંબર ભીંજાણું.
आनंद के खुल गए दरवाज़े, रे मन! सारा घर भीग गया, नया नीलांबर भीग गया।
हे मन! आनंद के द्वार खुल गए, सारा घर भीग गया और नया नीला आकाश भी भीग गया।
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નવલું નીલાંબર | Sukhan AI