“In the dark, dark water-nymphs' eyes, flashes of lightning, Whose eye-signs are these, seen far on the horizon?”
काली जलपरियों की आँखों में बिजली की चमक है। दूर क्षितिज पर दिखाई देने वाले ये किसके संकेत हैं?
इस दोहे में एक सुंदर और रहस्यमयी दृश्य की कल्पना की गई है। कवि कहते हैं कि काली जलपरियों की आँखों में बिजली की तरह चमक है। उनकी आँखें इतनी तेज़ी से चमक रही हैं, जैसे आकाश में बिजली कौंध रही हो। फिर कवि की नज़र दूर क्षितिज पर जाती है, जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए दिखते हैं। वहाँ उन्हें कुछ हल्के-फुल्के संकेत या झलकियाँ दिखाई देती हैं। वे सोचते हैं, 'यह किसकी आँखों के इशारे हैं जो इतनी दूर क्षितिज पर दिख रहे हैं?' यह दोहा निकट की चमकदार सुंदरता और दूर के अनसुलझे रहस्य के बीच एक अद्भुत सामंजस्य बिठाता है, जिससे हमें अदृश्य उपस्थितियों और अनकहे चमत्कारों के बारे में सोचने पर मजबूर होना पड़ता है।
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