समझ तो लीजिए कहने तो दीजिए मतलब — दाग़ देहलवी
“At least grant me a hearing, let my intent be shown— / Before a word is uttered, against me a dagger is drawn.”
अर्थ
कम से कम मेरी बात समझ तो लीजिए और मुझे अपनी बात कहने तो दीजिए; मेरे कुछ बयान करने से पहले ही मुझ पर छुरी निकल आती है।
विस्तार
यहाँ आशिक़ का वह लाचार अंदाज़ झलकता है, जहाँ महबूब का ग़ुस्सा इतना तेज़ है कि वह बात सुनने को भी तैयार नहीं। 'छुरी निकलने' का मुहावरा महबूब के तल्ख़ तेवरों और बिना सोचे-समझे किए गए हमले को बड़ी ख़ूबसूरती से बयान करता है। यह एक दर्दभरी और हल्की-फुल्की शिकायत है कि कम से कम मुझे मुजरिम ठहराने से पहले अपनी बात रखने का हक़ तो दीजिए!
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
