लो क़यामत अब आई वो काफ़िर — दाग़ देहलवी
“Lo, Doomsday has arrived at last! That bewitching infidel, all adorned and dressed, has stepped out of the house.”
अर्थ
देखो, अब क़यामत आ ही गई क्योंकि वह काफ़िर महबूब खूब सज-संवर कर घर से बाहर निकला है।
विस्तार
यहाँ शायर बड़े ही शोख़ और प्यारे अंदाज़ में महबूब के सज-संवर कर बाहर निकलने को 'क़यामत' कह रहा है। उर्दू शायरी में महबूब को 'काफ़िर' कहना एक ख़ास लाड़ है, क्योंकि उसकी बेपनाह ख़ूबसूरती दिल और ईमान दोनों लूट लेती है। जब वह पूरी तैयारी के साथ घर से कदम निकालता है, तो देखने वालों की दुनिया में एक मीठी सी तबाही और हलचल मच जाती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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