न जाओ हाल-ए-दिल-ए-ज़ार देखते जाओ — दाग़ देहलवी

न जाओ हाल-ए-दिल-ए-ज़ार देखते जाओ कि जी न चाहे तो नाचार देखते जाओ

“Do not depart, behold the plight of this grieving heart as you go; even if your heart is unwilling, look upon it out of helplessness as you go.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

अभी मत जाओ, कम से कम मेरे दुखी दिल का हाल तो देखते जाओ; अगर तुम्हारा मन न भी करे, तो मजबूरी में ही सही पर इसे देखते हुए जाओ।

विस्तार

इस शेर में जुदाई के लम्हे की बेबसी और तड़प बहुत मार्मिक रूप से झलकती है। आशिक़ अपने जाते हुए महबूब से मिन्नत करता है कि कम से कम मेरे तड़पते हुए दिल का हाल तो देखते जाओ। वह यहाँ तक कहता है कि अगर तुम्हारा दिल न भी चाहे, तो मजबूरी या तरस खाकर ही सही, एक नज़र देख लो—क्योंकि जुदाई के दर्द में महबूब की एक अनमनी नज़र भी आशिक़ के लिए किसी सहारे से कम नहीं होती।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.