न जाओ बंद किए आँख रह-रवान-ए-अदम — दाग़ देहलवी

न जाओ बंद किए आँख रह-रवान-ए-अदम इधर उधर भी ख़बर-दार देखते जाओ

“Go not with closed eyes, O travelers to the void; take heed and look around you as you journey on.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

ऐ मृत्यु (परलोक) की ओर जाने वाले मुसाफ़िरों, अपनी आँखें बंद करके मत जाओ; सावधान रहो और आगे बढ़ते हुए अपने आस-पास भी देखते जाओ।

विस्तार

शायर यहाँ मौत या अदम की ओर बढ़ रहे मुसाफ़िरों यानी हम सभी से मुख़ातिब हैं कि इस दुनिया से आँखें मूँद कर मत गुज़रो। ज़िंदगी चाहे कितनी भी मुख़्तसर हो, इसके रास्तों में बिखरी खूबसूरती, अहसासों और सीख को देखना बेहद ज़रूरी है। यह शेर हमें प्यार से झकझोरता है कि मंज़िल की जल्दी में सफ़र को अनदेखा न करो, बल्कि पूरी सजगता के साथ इस जहाँ के रंग समेटते हुए आगे बढ़ो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.