मौत मुझ को दिखाई देती है — दाग़ देहलवी

मौत मुझ को दिखाई देती है जब तबीअत को देखता हूँ मैं

“Death itself is all that appears before my eyes, whenever I look into the state of my own heart.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

जब भी मैं अपनी हालत या तबीयत को देखता हूँ, तो मुझे केवल अपनी मौत ही नज़र आती है।

विस्तार

यहाँ शायर अपने अंदर की उस गहरी उदासी और टूटन की बात कर रहे हैं, जहाँ ज़िंदगी का कोई निशान बाकी नहीं दिखता। जब भी वो अपनी 'तबीयत' यानी अपने दिलो-दिमाग़ और रूह के हाल को टटोलते हैं, तो उन्हें उम्मीद के बजाय सिर्फ मौत का साया नज़र आता है। यह शेर इस बात का दर्दनाक इज़हार है कि जब इंसान अंदर से टूट जाता है, तो उसे जीते-जी हर तरफ सिर्फ ख़ालीपन और फ़ना दिखाई देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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