हमें चश्म-ए-बीना दिखाती है सब कुछ — दाग़ देहलवी
“To us, the discerning eye reveals the world entire; blind are those who seek it in Jamshed's mystic cup.”
अर्थ
हमारी देखने और समझने वाली आँख ही हमें सब कुछ दिखा देती है, जबकि वे लोग अंधे हैं जो दुनिया देखने के लिए जाम-ए-जम का सहारा लेते हैं।
विस्तार
फ़ारसी मिथकों में 'जाम-ए-जम' राजा जमशेद का वह चमत्कारी प्याला माना जाता था, जिसमें पूरी दुनिया के राज़ दिखाई देते थे। शायर बहुत ख़ूबसूरती से कहते हैं कि सच्चाई को देखने के लिए किसी तिलिस्मी प्याले या बाहरी सहारे की ज़रूरत नहीं, बल्कि इंसान की अपनी अंतर्दृष्टि यानी 'चश्म-ए-बीना' ही सब कुछ बयां कर देती है। जो लोग दुनिया को समझने के लिए बाहरी चमत्कारों के मोहताज हैं, शायर की नज़र में वे सचमुच अंधे हैं क्योंकि असली रौशनी तो इंसान के अपने अंदर होती है।
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