उधर शर्म हाइल इधर ख़ौफ़ माने — दाग़ देहलवी
“Bashfulness stands in the way there, fear holds back on this side; neither do they cast a look, nor do we dare to gaze.”
अर्थ
उस तरफ़ शर्म रुकावट बनी हुई है और इस तरफ़ डर रोक रहा है, इसलिए न वो देखते हैं और न हम देखते हैं।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस नाज़ुक और कशमकश भरे लम्हे को बयां करता है, जहाँ दोनों तरफ़ चाहत तो भरपूर है मगर कोई भी पहला क़दम उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। महबूब की जानिब शर्मीलापन और हया एक पर्दा बनकर खड़ी है, तो आशिक़ की तरफ़ ज़माने या रुसवाई का डर पैर बांध देता है। दोनों एक ही फ़ज़ा में मौजूद होकर भी नज़रें चुराते हैं, और यही ख़ामोश कशमकश इस शेर को बेहद पुरदर्द और दिलकश बनाती है।
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