रहा कौन महफ़िल में अब आने वाला — दाग़ देहलवी
“Who is left now to arrive at the gathering? Yet with every passing breath, they gaze in all directions.”
अर्थ
अब महफ़िल में आने के लिए कौन बाकी रह गया है? फिर भी वे लगातार चारों तरफ़ देखे जा रहे हैं।
विस्तार
यह शेर महफ़िल की गहमागहमी के बीच दिल की एक ख़ास बेचैनी को बड़ी खूबसूरती से दर्शाता है। महफ़िल में सब आ चुके हैं और कोई नया आने वाला नहीं बचा, फिर भी महबूब की नज़रें हर पल चारों तरफ़ किसी को तलाश रही हैं। उनकी यह बेचैन निगाहें साफ़ बता देती हैं कि महफ़िल चाहे कितनी भी भरी हो, दिल तो सिर्फ़ उसी एक ख़ास चेहरे का इंतज़ार कर रहा होता है जो वहाँ मौजूद नहीं है।
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