तकरार तजल्ली ने तिरे जल्वे में क्यूँ की — दाग़ देहलवी

तकरार तजल्ली ने तिरे जल्वे में क्यूँ की हैरत-ज़दा सब अहल-ए-नज़र देख रहे हैं

“Why did radiance repeat its flash within your grand display? Struck with wonder, all discerning eyes can only gaze.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

तुम्हारे रूप के प्रकटीकरण में दिव्य प्रकाश बार-बार क्यों दोहराया गया? सभी पारखी और दृष्टि वाले लोग हैरान होकर तुम्हें देख रहे हैं।

विस्तार

शायर यहाँ महबूब के हुस्न या रूहानी नूर के बार-बार कौंधने पर हैरान होकर पूछते हैं कि यह चमक इतनी लगातार क्यों फूट रही है। जो लोग निगाह और समझ वाले हैं, यानी हुस्न के सच्चे पारखी, वे भी इस बेपनाह जल्वे के सामने हैरत में डूबे बस एकटक देख रहे हैं। यह शेर उस सम्मोहन को खूबसूरती से बयां करता है जब किसी का सौंदर्य इतना असीम हो जाए कि समझदार से समझदार दिल भी दंग रह जाए।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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