ख़त ग़ैर का पढ़ते थे जो टोका तो वो बोले — दाग़ देहलवी

ख़त ग़ैर का पढ़ते थे जो टोका तो वो बोले अख़बार का परचा है ख़बर देख रहे हैं

“Caught reading a rival's letter, when challenged they replied: 'Tis merely a newspaper sheet, we are only reading the news.”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

वे किसी ग़ैर का ख़त पढ़ रहे थे, और जब मैंने टोका तो बोले कि यह अख़बार का पन्ना है और हम सिर्फ़ ख़बर देख रहे हैं।

विस्तार

इस शे’र में आशिक़ और माशूक़ के बीच की मीठी तकरार और रक़ीब को लेकर ईर्ष्या का बड़ा दिलचस्प मंज़र है। महबूब जब ग़ैर का ख़त पढ़ते रंगे हाथों पकड़े जाते हैं, तो बड़ी बेबाकी और चालाकी से बहाना बना देते हैं कि यह तो बस अख़बार है और वो ख़बरें देख रहे हैं। यह शेर दिल में चुभते दर्द और बेवफ़ाई को भी एक हल्की-फुल्की मुस्कुराहट और नफ़ासत के साथ बयां कर देता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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