शम्अ'-रू आप गो हुए लेकिन — दाग़ देहलवी

शम्अ'-रू आप गो हुए लेकिन लुत्फ़-ए-सोज़-ओ-गुदाज़ क्या जानें

“Though radiant as a candle you may be, what could you ever know of the sweet ecstasy of burning and melting away?”

— दाग़ देहलवी

अर्थ

भले ही आपका चेहरा शमा की तरह चमकदार और सुंदर है, लेकिन आप प्रेम में जलने और पिघलने का आनंद क्या जानें?

विस्तार

इस शेर में शायर माशूक़ से बड़ी नज़ाकत से कहता है कि आप शमा की तरह रोशन और दिलकश तो हैं, मगर इश्क़ के असल अहसास से अनजान हैं। मोहब्बत का असली मज़ा सिर्फ़ हुस्न की तरह चमकने में नहीं, बल्कि प्यार की आँच में जलने और मोम की तरह पिघलने के मीठे दर्द में छिपा है। महबूब अपने हुस्न के ग़ुरूर में रहता है, लेकिन आशिक़ ही जानता है कि वफ़ा में ख़ुद को फ़ना कर देने की लज़्ज़त क्या होती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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