“Catch your breath for just a moment, for my very life is on the verge of being sacrificed for you.”
ज़रा दम लो और ठहर जाओ, क्योंकि मेरी जान अभी तुम पर न्योछावर होने ही वाली है।
यहाँ 'दम' लफ़्ज़ की बेहद दिलकश बाज़ीगरी है—पहले मिसरे में इसका मतलब साँस लेना या ठहरना है, तो दूसरे में ख़ुद आशिक़ की जान। शायर बड़ी नज़ाकत से अपने महबूब से गुज़ारिश कर रहा है कि ज़रा रुक जाओ, क्योंकि तुम्हारी इस अदा पर मेरी जान अभी-अभी न्योछावर होने ही वाली है। यह शेर इश्क़ के उस बेक़रार और पुरख़ुलूस लम्हे को थाम लेता है, जहाँ महबूब की एक झलक पर दिल पूरी तरह फ़ना होने को मचल उठता है।
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