नया है लीजिए जब नाम उस का
बहुत वुसअ'त है मेरी दास्ताँ में
“Whenever her name is spoken, it feels ever new; vast is the expanse of this tale of mine.”
— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ
जब भी उसका नाम लिया जाता है, वह नया ही लगता है; मेरी दास्तान में बहुत फैलाव और विस्तार है।
विस्तार
इश्क़ का यह हुस्न है कि महबूब का नाम जितनी बार भी लबों पर आए, हर बार एक नई ताज़गी और मिठास घोल देता है। शायर अपनी दास्तान की 'वुसअत' यानी असीमित गहराई पर नाज़ करते हुए कहता है कि उसका प्यार कभी बासी या पुराना नहीं पड़ता। यह शेर दिल के उस बेपनाह जज़्बे को छूता है जहाँ एक ही नाम हर मोड़ पर एक नई कहानी बन जाता है।
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