“If anyone at home should ask, what fear is there, just say: we had merely wandered off for a stroll towards someone's way.”
अगर घर पर कोई पूछे तो डरने की क्या बात है, बस कह देना कि हम यूँ ही टहलते हुए किसी की ओर चले गए थे।
यह शेर इश्क़ की मासूमियत और उसकी बेबाक हिम्मत को बड़ी नज़ाकत से बयां करता है। शायर अपने महबूब को समझा रहा है कि अगर घर वाले देर से आने पर सवाल करें, तो घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है; बस सादगी से कह देना कि यूँ ही हवाखोरी करते हुए किसी की तरफ़ निकल पड़े थे। दिल के गहरे खिंचाव और मिलने की तड़प को महज़ एक 'शाम की सैर' का नाम दे देना, मोहब्बत की उस मीठी बेफ़िक्री को दिखाता है जहाँ दुनिया का हर ख़ौफ़ छोटा पड़ जाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
