वो नाज़नीं अदा में एजाज़ है सरापा — वली दकनी
“That delicate beauty is a miracle of grace from head to toe, / Peerless among the rose-faced fair, exalted from head to toe.”
अर्थ
वह नाज़ुक महबूब अपनी अदा और अंदाज़ में सिर से पाँव तक एक चमत्कार है, और अपनी ख़ूबसूरती में सभी गुलाब जैसे चेहरे वालों से पूरी तरह श्रेष्ठ और अलग है।
विस्तार
इस शेर में शायर अपनी महबूबा के बेमिसाल हुस्न और नज़ाकत की तारीफ़ में पूरी तरह डूबा हुआ है। वह कहता है कि उसकी हर अदा सिर से पाँव तक किसी करिश्मे जैसी है, जिसे देखकर हैरत होती है। यूँ तो ज़माने में गुलाब जैसे कई हसीन चेहरे हैं, मगर अपनी ख़ूबियों और दिलकश अंदाज़ में उसका महबूब उन सब में सबसे जुदा और आला मक़ाम पर है।
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