देखा हूँ तुझे ख़्वाब में ऐ माया-ए-ख़ूबी — वली दकनी

देखा हूँ तुझे ख़्वाब में ऐ माया-ए-ख़ूबी इस ख़्वाब को जा यूसुफ़-ए-कनआँ सूँ कहूँगा

“I have beheld you in a dream, O paragon of grace; to Joseph of Canaan himself shall I recount this dream.”

— वली दकनी

अर्थ

हे सुंदरता के स्रोत, मैंने तुम्हें सपने में देखा है; अब मैं जाकर यह सपना कनान के यूसुफ़ को सुनाऊँगा।

विस्तार

हज़रत यूसुफ़ को शायरी में हुस्न का सबसे बड़ा पैमाना और ख़्वाबों की ताबीर बताने वाला माना गया है। शाइर अपने महबूब से कहता है कि उसने ख़्वाब में उसके बेमिसाल हुस्न का दीदार किया है, और वह इस ख़्वाब को किसी आम इंसान को नहीं, बल्कि खुद यूसुफ़-ए-कनआँ को सुनाएगा। इसमें एक शोख़ी और गहरा नाज़ है—गोया महबूब की ख़ूबसूरती इतनी लासानी है कि उसका सही अंदाज़ा खुद हुस्न के शहंशाह यूसुफ़ ही लगा सकते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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