पाक-बाज़ाँ में है मशहूर 'वली' — वली दकनी
पाक-बाज़ाँ में है मशहूर 'वली'
उस सूँ चेहरे कूँ छुपाया न करो
“Famed among the pure in heart is Wali; Do not veil your face from him.”
— वली दकनी
अर्थ
वली पवित्र और सच्चे प्रेमियों में प्रसिद्ध हैं, इसलिए उनसे अपना चेहरा मत छिपाया करो।
विस्तार
इस शेर में वली अपने महबूब से बड़ी नज़ाकत और अपनेपन के साथ कहते हैं कि मुझसे अपना चेहरा मत छुपाओ। वो याद दिलाते हैं कि उनकी गिनती 'पाक-बाज़ों' यानी नेक-नीयत और पाकीज़ा लोगों में होती है, जिनकी नज़र में कोई मैल या बुरी नीयत नहीं होती। यह महबूब को मनाने का एक बेहद प्यारा और शोख़ अंदाज़ है, जहाँ इश्क़ की पाकीज़गी ही दीदार पाने की सबसे बड़ी दलील बन जाती है।
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