सनम तेरे नयन की आरज़ू में — वली दकनी
“In longing for your eyes, beloved, at times we are whole, at times lovesick are we.”
अर्थ
हे प्रिय, तुम्हारी आँखों की चाहत में हम कभी भले-चंगे रहते हैं तो कभी बीमार पड़ जाते हैं।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस नाज़ुक और बेचैन करने वाले अहसास को बयां करता है जहाँ महबूब की नज़रें ही आशिक़ की ज़िंदगी तय करती हैं। महबूब की आँखों की एक झलक की चाहत में दिल कभी तो बिल्कुल संभला हुआ और स्वस्थ महसूस करता है, और कभी तड़प में बेहाल होकर बीमार पड़ जाता है। यहाँ 'सालिम' और 'बीमार' का विरोधाभास मोहब्बत की उस कैफियत को दिखाता है जो पल भर में सुकून भी देती है और बेचैनी भी।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
