आज तेरी भवाँ ने मस्जिद में — वली दकनी
“Today, within the sacred mosque, the arch of your brows has stolen the senses of every soul at prayer.”
अर्थ
आज मस्जिद में तुम्हारी भौंहों ने हर नमाज़ी के होश उड़ा दिए हैं।
विस्तार
उर्दू शायरी में महबूब की झुकी हुई भौंहों की तुलना अक्सर मस्जिद के मेहराब यानी इबादत की ताक़ से की जाती है। इस शेर में शायर बड़े ही दिलकश अंदाज़ में कहता है कि महबूब की इस कमान जैसी खूबसूरती ने इबादतगाह में नमाज़ियों का ध्यान भटका दिया और उनके होश उड़ा दिए। यह शेर रूहानी इबादत और हुस्न के जादुई असर के बीच के उस मीठे खिंचाव को बयां करता है, जहाँ महबूब का दीदार हर किसी को सुध-बुध भुलाने पर मजबूर कर देता है।
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