किस सूँ 'वली' अपस का अहवाल जा कहूँ मैं सर-ता-क़दम मैं ग़म सूँ ग़म-ख़ाना हो रहा हूँ

“To whom, O Vali, shall I go to tell my mournful plight? / From head to toe, consumed by grief, I have become an abode of sorrow.”

— वली दकनी
अर्थ

ऐ वली, मैं जाकर अपना हाल किससे कहूँ? सिर से पाँव तक मैं दुःख और ग़म के कारण पूरी तरह ग़म का घर बन गया हूँ।

विस्तार

वली दकनी यहाँ अपनी बेबसी और अकेलेपन का दर्द बयां कर रहे हैं कि वो आख़िर किससे जाकर अपना हाल कहें। उन्होंने अपने पूरे वजूद को 'सर-ता-क़दम' यानी सिर से पैर तक ग़म का एक घर—'ग़म-ख़ाना' कह दिया है। इसका मतलब यह है कि दुख अब सिर्फ उनके दिल का एक छोटा सा अहसास नहीं, बल्कि वह खुद सिर से पैर तक मुकम्मल तौर पर ग़म की मूरत बन चुके हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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