तुझ बिन ऐ दाग़-बख़्श-ए-सीना ओ दिल चमन-ए-लाला दश्त-ए-आतश है

“Without you, O bestower of wounds upon my heart and breast, the garden of tulips is but a wilderness of fire.”

— वली दकनी
अर्थ

हे मेरे सीने और दिल को ज़ख़्म देने वाले महबूब, तुम्हारे बिना लाल फूलों से भरा चमन भी आग का बियाबान लगता है।

विस्तार

शायर अपने महबूब को दर्द और मोहब्बत के मिले-जुले अहसास के साथ याद कर रहा है, जिसने उसके दिल और सीने को ज़ख़्म बख़्शे हैं। उर्दू शायरी में लाला (लाल ट्यूलिप) के फूलों की रंगत को सुलगते अंगारों और दिल के गहरे घावों से जोड़ा जाता है। महबूब की मौजूदगी के बिना यह खूबसूरत चमन दिल को सुकून देने के बजाय एक दहकते हुए तपते सहरा जैसा महसूस होता है। यह शेर दिखाता है कि जब दिल जुदाई में जल रहा हो, तो दुनिया का हर हसीन मंज़र भी सिर्फ़ आग और चुभन बनकर रह जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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