छुपा हूँ मैं सदा-ए-बाँसुली में कि ता जाऊँ परी-रू की गली में

“Hidden am I within the flute's sweet melody, so that I may enter the lane of the fairy-faced beloved.”

— वली दकनी
अर्थ

मैं बाँसुरी की आवाज़ में छुपा हुआ हूँ ताकि अपने परी जैसे चेहरे वाले महबूब की गली में पहुँच सकूँ।

विस्तार

इस खूबसूरत शेर में आशिक़ अपने महबूब की गली तक पहुँचने का एक बेहद नाज़ुक और रूमानी रास्ता तलाशता है। जब बंदिशों की वजह से वह ख़ुद वहाँ क़दम नहीं रख सकता, तो वह अपने वजूद को बाँसुरी की मीठी धुन में ढाल लेता है। सुर और तराने को कोई दीवार या पहरा नहीं रोक सकता, इसलिए वह राग बनकर अपनी परी जैसी महबूबा के पास चुपके से पहुँच जाना चाहता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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