मेरे लाल को आउ निदरिया काहे न आनि सुवावै । तू काहे न वेगीसी आवै तो को कान्ह बुलावै ॥

“O slumber, come unto my darling child, why do you not put him to sleep? / Why do you not hasten and arrive, when little Kanha himself calls for you?”

— सूरदास
अर्थ

हे निंदिया! तू आकर मेरे लाल को क्यों नहीं सुलाती? तू जल्दी से क्यों नहीं आ जाती, तुझे तो स्वयं कान्हा बुला रहे हैं।

विस्तार

सूरदास जी के इस प्यारे पद में माता यशोदा बाल कृष्ण को सुलाने के लिए मीठी लोरी गा रही हैं। वे निंदिया रानी को बड़े लाड़ से पुकारती हैं और कहती हैं, अरे निंदिया, तू आकर मेरे लल्ला को सुलाती क्यों नहीं? तू जल्दी क्यों नहीं आती, देख तुझे खुद नन्हा कान्हा बुला रहा है। इस पद में एक माँ की सहज ममता और वात्सल्य भाव छलकता है, जहाँ यशोदा मैया नींद से भी मान-मनुहार कर रही हैं ताकि उनका कान्हा चैन से सो सके। यह दृश्य माँ और बच्चे के निश्छल प्रेम का बड़ा ही मधुर अहसास कराता है।

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मेरे लाल को आउ निदरिया काहे न आनि सुवावै । | Sukhan AI