“He who has once beheld your nectar-sweet lips / Never turns his gaze towards sugar again.”
जिस किसी ने तुम्हारे मीठे होंठ देख लिए हैं, उसकी नज़र फिर कभी शक्कर की तरफ नहीं जाती।
इस शेर में शायर ने महबूब के होंठों के हुस्न और मिठास की बड़ी दिलकश तारीफ़ की है। शकर यानी चीनी यहाँ दुनिया की हर आम मिठास और लज़्ज़त का प्रतीक है। शायर का कहना है कि जिसने एक बार महबूब के लबों का दीदार कर लिया, उसके लिए दुनिया की हर दूसरी नेमत फीकी पड़ जाती है—इश्क़ में दिल जब एक आला दर्जे की ख़ूबसूरती पा लेता है, तो मामूली चीज़ों की तलब ही मिट जाती है।
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