तमाम बज़्म है क्या महव उस की बातों में नज़र दहन की तरफ़ कान है सुख़न की तरफ़

“How spellbound is the whole assembly, charmed by every word; each eye is fixed upon her lips, each ear on what is heard.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

पूरी महफ़िल उनकी बातों में इस कदर मग्न है कि हर किसी की नज़र उनके होंठों की तरफ़ है और कान उनकी बातों की ओर लगे हुए हैं।

विस्तार

इस शे'र में महफ़िल का वह मंज़र खींचा गया है जब महबूब के बोलते ही पूरी बज़्म उस पर फ़िदा हो जाती है। लोग इस कदर खोए हुए हैं कि उनके कान तो लफ़्ज़ों की मिठास सुन रहे हैं, लेकिन आँखें उन खूबसूरत होंठों पर टिकी हैं जो वो लफ़्ज़ अदा कर रहे हैं। शायर ने आवाज़ के जादू और चेहरे के हुस्न, दोनों के सम्मोहन को एक साथ बेहद ख़ूबसूरती से बाँध दिया है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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