तुझ से मतलब है नहीं दुनिया ओ उक़्बा से ग़रज़ तू नहीं जब तो उजड़ जाएँ ये घर दोनों साथ

“My longing is for you alone, I care not for this world or the next; / In your absence, let both these realms crumble into ruin together.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

मुझे सिर्फ़ तुमसे मतलब है, इस दुनिया और परलोक (आख़िरत) से कोई सरोकार नहीं; अगर तुम ही नहीं हो, तो ये दोनों जहाँ एक साथ उजड़ जाएँ।

विस्तार

इस शेर में आशिक़ अपनी बेपनाह दीवानगी और मुकम्मल समर्पण का इज़हार कर रहा है। उसके लिए इस दुनिया और परलोक (उक़्बा) की कोई अहमियत नहीं है, उसकी पूरी कायनात सिर्फ़ महबूब के वजूद से बंधी है। वह बेबाकी से कहता है कि अगर महबूब ही ज़िंदगी में न हो, तो ये दोनों जहां वीरान हो जाएं तो भी कोई ग़म नहीं, क्योंकि प्यार के बिना जन्नत भी एक खंडहर जैसी लगती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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