ये दिल के पार हो कर फिर दिल को ढूँडते हैं तीर-ए-निगाह उस के बिस्मिल को ढूँडते हैं

“Having pierced right through the heart, they search for the heart again; the arrows of her glance still seek their wounded prey.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

उसकी निगाह के तीर दिल के आर-पार निकल जाने के बाद फिर उसी दिल को तलाश करते हैं, यानी वे तीर अपने घायल किए हुए शिकार को ढूँढ रहे हैं।

विस्तार

इस शेर में महबूब की कातिलाना निगाहों को ऐसे तीरों की तरह दिखाया गया है जो दिल के आर-पार निकल जाने के बाद भी नहीं ठहरते। वे तीर आर-पार होकर भी मानो फिर से उसी घायल दिल को तड़पाने के लिए तलाश रहे हैं। यह इश्क की उस मीठी और कभी न खत्म होने वाली कैफियत को बयां करता है, जहाँ आशिक पूरी तरह घायल होकर भी महबूब की नजरों का बार-बार शिकार बनना चाहता है।

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