“For this reason alone we seek the realm of non-existence / For long have we been searching for the gathering of friends.”
हम अदम यानी मृत्यु की मंज़िल को इसलिए ढूँढ़ रहे हैं, क्योंकि हम लंबे समय से अपने दोस्तों की महफ़िल की तलाश में हैं।
शायर यहाँ मौत या 'अदम' (शून्यता) की तलाश किसी मायूसी में नहीं, बल्कि अपने उन पुराने दोस्तों से दोबारा मिलने के लिए कर रहा है जो इस दुनिया से जा चुके हैं। उसके सारे अज़ीज़ साथी एक-एक कर रुख़सत हो गए, जिससे यह भरी-पूरी दुनिया अब उसके लिए वीरान हो चुकी है। इसलिए वह मौत को कोई ख़ौफ़नाक मंज़िल नहीं, बल्कि एक ऐसी राह मानता है जहाँ पहुँचकर दोस्तों की वही प्यारी महफ़िल फिर से सज सकेगी।
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