“Fill every flask, goblet, and flagon with rose-hued wine; today, O Saqi, the dark rain-clouds have gathered in full splendor.”
हे साक़ी, सुराही, जाम और घड़े को गुलाबी रंग की शराब से भर ले, क्योंकि आज आसमान में घटाएँ अच्छी तरह घिर कर आई हैं।
उर्दू शायरी की पुरानी रिवायत है कि जब आसमान में काली घटाएं घिरती हैं, तो दिल मस्ती और जश्न के लिए मचल उठता है। शायर साक़ी से कह रहा है कि आज मौसम बेहद मदहोश करने वाला है, इसलिए सारे प्याले और सुराहियां लाल शराब से भर लो ताकि लुत्फ़ उठाने में कोई कमी न रहे। यह शेर बादलों की ठंडक और शराब की गर्माहट के हसीन मेल से जिंदगी को खुलकर जीने की दावत देता है।
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